मैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल Corona and Heart Disease in Hindi: शोध में खुलासा, दिल की बीमारियों वाले

COVID-19 patients with heart diseases have higher chances of mortality हार्ट की बीमारियों से ग्रस्त कोविड-19 मरीजों में मृत्यु दर ज्यादा।© Shutterstock.

Corona and Heart Disease: कोरोनावायरस (Coronavirus) फेफडों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हार्ट को भी नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में जो लोग हार्ट डिजीज से पीड़ित है, उनके लिए खतरा अधिक है। कई सबूतों से पता चला है कि 5 में से 1 संक्रमित मरीज में हार्ट की बीमारी (Heart Disease) के संकेत मिले हैं। यदि किसी को हृदय रोग (Corona and Heart Disease) है, तो उन्हें अपनी लाइफस्टाइल पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि उनका इम्यूनोलॉजिकल रिस्पॉन्स बहुत कमजोर होता है और उनके शरीर में इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स होता है। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49मैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल,30मैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल,236मैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल, अब तक 80मैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल,776 लोगों की मौत

नॉन कम्युनिकेबल डिजीज होने पर संक्रमित होने की संभावना 10 गुना बढ़ जाती है

पारस हॉस्पिटल (गुरुग्राम) के एसोसिएट डायरेक्टर और कार्डियोलॉजी के यूनिट हेड डॉ. अमित भूषण शर्मा कहते हैं कि जिन लोगों को नॉन कम्युनिकेबल बीमारी (Non Communicable disease) जैसे हाइपरटेंशनमैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल, डायबिटीज और हार्ट से संबंधित बीमारियां होती हैं, उनमे इंफेक्शन से संक्रमित होने की संभावना 10 गुना ज्यादा होती है। उनकी मृत्यु दर नॉन-एनसीडी मरीजों के मुकाबले 30% ज्यादा होती है। नॉन-एनसीडी मरीजों में मृत्यु दर 2% होती है। साइटोकिन्स सेल सिग्नलिंग में जरूरी होता है, जो छोटे प्रोटीन्स की एक विस्तृत और लूज कैटेगरी होती है। इससे फेफड़ों का इन्फेक्शन, पहला हाथ में खेल हार्ट अटैक, स्ट्रोक और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) होता है। जिन लोगों में यह बीमारी होती है, उनकी मृत्यु कोरोनोवायरस से संक्रमित होने पर जल्दी होती है। Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

हेल्दी लाइफस्टाइल करें फॉलो

अगर एक हार्ट के मरीज को डायबिटीज और हाइपरटेंशन सहित अन्य को-मोर्बिलिटीज होती हैं, तो उनमे साइटोकिन्स का असामान्य स्राव (सेक्रेशन) जैसे TNFα और इंटरल्यूकिन होता है, उनमे इंफ्लेमेटरी रिस्पॉन्स बढ़ जाता है, जिसकी वजह से कोविड- 19 से संक्रमित व्यक्ति को कई गंभीर परेशानियों से गुजरना पड़ता है। अगर मरीज वेंटिलेटर पर हो,मैटल इलेक्ट्रॉनिक फुटबॉल तो उसकी मृत्यु दर 80% तक बढ़ जाती है। इसलिए, शुगर का सही तरीके से कंट्रोल, पर्याप्त हाइपरटेंशन मैनेजमेंट, वजन कंट्रोल और हेल्दी लाइफस्टाइल साधारण कोरोना संक्रमण से लेकर हाई-रिस्क कोरोना केसेज तक को रोकने में मदद करता है। Also Read - 2024 से पहले नहीं मिल सकेगी ‘सभी को’ कोविड वैक्सीन, सीरम इंडिया प्रमुख ने दिया बयान

Published : August 31, 2020 8:41 pm | Updated:August 31, 2020 8:47 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion क्या है एलिफेंट पूप टी, जिसके बारे में बात की अक्षय कुमार ने, जानें क्यों मिला इसे ऐसा नामक्या है एलिफेंट पूप टी, जिसके बारे में बात की अक्षय कुमार ने, जानें क्यों मिला इसे ऐसा नाम क्या है एलिफेंट पूप टी, जिसके बारे में बात की अक्षय कुमार ने, जानें क्यों मिला इसे ऐसा नाम दिवाली तक काबू में आ जाएगा कोरोना वायरस, डॉ. हर्ष वर्धन ने दिया बयानदिवाली तक काबू में आ जाएगा कोरोना वायरस, डॉ. हर्ष वर्धन ने दिया बयान दिवाली तक काबू में आ जाएगा कोरोना वायरस, डॉ. हर्ष वर्धन ने दिया बयान ,,