साइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं कोरोनावायरस खत्म होने के बाद दुनियाभर में कम

Coronavirus and fertility कोरोनावायरस खत्म होने के बाद दुनियाभर में कम हो सकती है फर्टिलिटी : वैज्ञानिकों का दावा

Coronavirus and Fertility : कोरोना वायरस ने पूरे देश और दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इस वायरस की वजह से एक ओर जहां लाखों लोगों की जान चली गई, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोगों ने अपनी नौकरियां खोई हैं। कोरोनावायरस की वजह से अरबों लोग मेंटल स्ट्रेस के शिकार हो चुके हैं। इस महामारी ने चारों ओर तहलका मचा रखा है और खत्म होने के बाद भी इसका असर सालों तक पूरी दुनिया में रहने वाला है। देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी कोरोनावायरस ने जबरदस्त चोट पहुंचाई है, जिससे उबरने में लोगों को काफी समय लग जाएगा। कोरोनावायरस एक ऐसी महामारी है, जिसने हर एक जाति, वर्ग, उम्र के लोगों को प्रभावित किया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर लोगों की नौकरी तक को जोखिम (Coronavirus and Fertility) में डाल दिया है। Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहासाइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

जब-जब दुनिया में महामारी ने दस्तक दी हैसाइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं, तब-तब दुनियाभर में लॉकडाउन का मॉडल अपनाकर लोगों को इस महामारी से बचाने की कोशिश की गई है। लॉकडाउन के कारण कई महीनों तक लोगों को अपने घरों में रहना पड़ता है। घर में रहने की वजह से लोगों के पास काफी समय रहता है। इसी कारण आशंका जताई जा रही थी कि इस वर्ष 2020 के अंत तक “बेबी बूम” अधिक होंगे। संभावना है कि बेबी बूम साल के अंत तक आएंगे भीसाइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं, लेकिन इस महामारी के खत्म होने के बाद लोगों की फर्टिलिटी पर इसका गहरा असर (Coronavirus and Fertility) पड़ेगा। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49साइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं,30साइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं,236, अब तक 80,776 लोगों की मौत

आर्थिक मंदी की वजह से कम पैदा होंगे बच्चे

प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल साइंस में छपे अध्ययन के अनुसार, महामारी खत्म होने के बाद पूरी दुनिया में लोगों के अंदर फर्टिलिटी कम हो सकती है और इसकी सबसे बड़ी वजह है आर्थिक मंदी या आर्थिक अनिश्चितता। अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोनावायरस जबतक पूरी दुनिया में समाप्त होगी, इलेक्ट्रॉनिक इनडोर बास्केटबॉल घेरा तब तक पूरे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी होगी। खराब आर्थिक स्थिति की वजह से बच्चों का पालन-पोषण करना काफी मुश्किल हो सकती है, इस वजह से विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी दुनिया में आगे आने वाले समय में फर्टिलिटी घटेगी। यह अध्ययन निष्कर्ष समाज, इतिहास, अर्थ और स्थान को ध्यान में रखकर निकाला गया है। Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

अधिक इनकम वाले देशों पर पड़ेगा इसका बुरा असर 

इस बारे में इटली के Bocconi University के प्रोफेसर Arnstein Aassve ने कहा, “हालांकि इस तरह की बातों पर पहले से अनुमान लगाना काफी कठिन है, लेकिन फिलहाल के हालातों को देखकर यही कहा जा सकता है कि आगे आने वाले समय में फर्टिलिटी घटेगी, कम से कम हाई इनकम वाले देशों में इसका थोड़े समय के लिए असर जरूर रहेगा।”

इतिहास को बदल सकती है कोविड-19 महामारी

अगर हम इतिहास के पन्नों को उठाकर देखें, तो जब-जब युद्ध के कारण अधिक संख्या में लोगों की मृत्यु हुई है,साइमन इलेक्ट्रॉनिक खेल कहते हैं तब-तब दुनिया में अधिक बच्चे पैदा हुए हैं। जब दुनिया में स्पैनिश फ्लू ने दस्तक दी थी, तब अधिक बच्चे पैदा किए गए थे। लेकिन इतिहास के इस ट्रेड को कोरोवनावायरस तोड़ सकता है और संभव है कि इस हेल्थ इमरजेंसी की वजह से कम बच्चे पैदा हो सकते हैं।

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Published : September 1, 2020 10:00 am | Updated:September 1, 2020 10:01 am Read Disclaimer Comments - Join the Discussion अभी महामारी खत्म नहीं हुई है, नहीं खोले जा सकते स्कूल, WHO ने दिया बयानअभी महामारी खत्म नहीं हुई है, नहीं खोले जा सकते स्कूल, WHO ने दिया बयान अभी महामारी खत्म नहीं हुई है, नहीं खोले जा सकते स्कूल, WHO ने दिया बयान क्या है एलिफेंट पूप टी, जिसके बारे में बात की अक्षय कुमार ने, जानें क्यों मिला इसे ऐसा नामक्या है एलिफेंट पूप टी, जिसके बारे में बात की अक्षय कुमार ने, जानें क्यों मिला इसे ऐसा नाम क्या है एलिफेंट पूप टी, जिसके बारे में बात की अक्षय कुमार ने, जानें क्यों मिला इसे ऐसा नाम ,,